ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, जो भारत की अग्रणी फूड और FMCG कंपनियों में से एक है, ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹689.95 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 34% अधिक है।
मजबूत डिमांड, स्थिर इनपुट कॉस्ट और सटीक कॉस्ट मैनेजमेंट की वजह से ब्रिटानिया ने न केवल प्रॉफिट में बल्कि रेवेन्यू में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की।
इसके साथ ही, कंपनी के बोर्ड ने रक्षित हारगवे को नया CEO और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त करने की मंजूरी दी है। यह नियुक्ति 15 दिसंबर 2025 से प्रभावी होगी और पांच साल की अवधि के लिए होगी।
इस खबर के बाद ब्रिटानिया के शेयरों में तेजी देखी गई, और वे 1.61% बढ़कर ₹5,914 पर बंद हुए।
यह रिपोर्ट ब्रिटानिया के वित्तीय प्रदर्शन, मैनेजमेंट की प्रतिक्रिया, नए CEO की नियुक्ति, और स्टॉक मार्केट पर पड़े प्रभाव की विस्तृत झलक पेश करती है।
1️⃣ रेवेन्यू और मुनाफे में मजबूत बढ़ोतरी
ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज ने सितंबर 2025 में समाप्त हुई दूसरी तिमाही के लिए बेहतरीन नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹689.95 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष के ₹514.41 करोड़ की तुलना में 34% अधिक है।
कंपनी के अनुसार, यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से स्थिर इनपुट लागत और बेहतर सप्लाई चेन प्रबंधन का परिणाम है।
ऑपरेशन्स से रेवेन्यू भी 3.6% बढ़कर ₹4,664.51 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह ₹4,500.84 करोड़ था। कंपनी ने बेकरी, बिस्किट, और स्नैक पोर्टफोलियो में मजबूत मांग दर्ज की, जिससे कुल बिक्री में उछाल आया।
ब्रिटानिया के लोकप्रिय उत्पाद जैसे Good Day, Marie Gold, Milk Bikis, और NutriChoice ने उपभोक्ताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत रखी। वहीं, नई कैटेगरी जैसे रस्क, वेफर और क्रोसांट ने डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज की।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बिक्री में वृद्धि ने Fudge It Cakes, Jim Jam, Pure Magic Stars, और Little Hearts जैसे प्रीमियम उत्पादों की मांग को और बढ़ावा दिया।
इस प्रदर्शन ने कंपनी की भविष्य की विकास संभावनाओं को और मजबूत कर दिया है।
2️⃣ कंसोलिडेटेड नतीजों में भी मजबूती
कंसोलिडेटेड स्तर पर भी ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज ने मजबूत परिणाम दिखाए हैं। कंपनी का कुल रेवेन्यू 4.1% बढ़कर ₹4,752 करोड़ हो गया, जबकि शुद्ध मुनाफा 23% की वृद्धि के साथ ₹655 करोड़ पर पहुंचा। पिछले वर्ष इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹531.55 करोड़ था।
टैक्स से पहले कंपनी का प्रॉफिट (PBT) ₹912.75 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही के ₹694.85 करोड़ की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक है। यह वृद्धि कंपनी की रणनीतिक लागत नियंत्रण नीति और उत्पाद पोर्टफोलियो में विविधता लाने की दिशा में उठाए गए कदमों का परिणाम है।
ब्रिटानिया ने ग्रामीण बाजारों में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ अर्बन मार्केट में प्रीमियम उत्पादों की हिस्सेदारी भी बढ़ाई है। इसके अलावा, कंपनी ने डिजिटल चैनलों पर अपने उत्पादों को अधिक सुलभ बनाते हुए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से जुड़ाव बढ़ाया है।
इससे स्पष्ट है कि कंपनी केवल पारंपरिक वितरण पर निर्भर नहीं रहना चाहती, बल्कि नए युग के उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए टेक्नोलॉजी और डिजिटल इनोवेशन को प्राथमिकता दे रही है।
3️⃣ मैनेजमेंट की प्रतिक्रिया और भविष्य की रणनीति
ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव वाइस-चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO वरुण बेरी ने कहा कि कंपनी ने इस तिमाही में “संतुलित और स्थिर” ग्रोथ हासिल की है। उन्होंने बताया कि हालांकि कुछ समय के लिए सप्लाई चेन में चुनौतियां आईं, लेकिन कंपनी ने तेजी से सुधारात्मक कदम उठाए।
बेरी ने यह भी बताया कि हाल ही में हुए GST रेट सुधार से उपभोक्ता मांग को बढ़ावा मिलेगा और बाजार का माहौल और सकारात्मक होगा। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि इन बदलावों के कारण सप्लाई चैनल में अस्थायी रुकावटें आईं, जिनका असर तिमाही के आखिरी हिस्से में महसूस हुआ।
उनके अनुसार, “आने वाले महीनों में बाजार स्थिर होगा और कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं को और गति देगी।”
ब्रिटानिया का फोकस अब मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की दक्षता बढ़ाने, नए उत्पाद लॉन्च करने और डिजिटल मार्केटिंग पर रहेगा।
बेरी ने कहा कि कंपनी उपभोक्ताओं की बदलती पसंद को समझते हुए इनोवेशन पर अधिक निवेश करेगी, ताकि वह प्रतिस्पर्धा में आगे बनी रहे।
4️⃣ नए CEO रक्षित हारगवे की नियुक्ति
ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के बोर्ड ने रक्षित हारगवे (Rakshit Hargave) को कंपनी का नया चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त करने का निर्णय लिया है। यह नियुक्ति शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन होगी और 15 दिसंबर 2025 से प्रभावी होगी।
रक्षित हारगवे FMCG क्षेत्र के एक अनुभवी पेशेवर हैं और उनके पास कई वर्षों का वैश्विक अनुभव है। उनके नेतृत्व में कंपनी आने वाले वर्षों में नवाचार, विस्तार और स्थिर विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी।
कंपनी का मानना है कि हारगवे के रणनीतिक नेतृत्व से ब्रिटानिया की प्रतिस्पर्धी स्थिति और मजबूत होगी और वह नए बाजारों में भी अपनी पकड़ बनाएगी।
वरुण बेरी, जो फिलहाल MD और CEO की भूमिका में हैं, कंपनी की बोर्ड गतिविधियों में सक्रिय रहेंगे और ट्रांजिशन प्रक्रिया को सहज बनाएंगे।
इस नियुक्ति की खबर ने निवेशकों में सकारात्मक संकेत भेजे हैं, जिससे कंपनी के शेयरों में हल्की बढ़त दर्ज की गई।
5️⃣ शेयर बाजार में ब्रिटानिया की स्थिति
ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के शेयर मंगलवार को 1.61% की बढ़त के साथ ₹5,914 पर बंद हुए। बीते छह महीनों में स्टॉक ने लगभग 10.36% रिटर्न दिया है, जबकि पूरे 2025 के दौरान इसमें 23.34% की तेजी दर्ज की गई।
कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप ₹1.42 लाख करोड़ रुपये है, जो इसे भारत की शीर्ष FMCG कंपनियों में मजबूती से स्थापित करता है।
ब्रिटानिया के शेयरों में यह वृद्धि निवेशकों के भरोसे और कंपनी के स्थिर प्रदर्शन का संकेत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिटानिया की भविष्य की संभावनाएं मजबूत हैं क्योंकि कंपनी ने उत्पाद नवाचार, ग्रामीण विस्तार, और डिजिटल रिटेल को रणनीति का हिस्सा बनाया है।
वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, यदि कंपनी इसी रफ्तार से लागत नियंत्रण और नवाचार जारी रखती है, तो आने वाले तिमाहियों में इसका लाभ और भी बढ़ सकता है।
नए CEO की नियुक्ति और बदलते बाजार रुझानों के बीच ब्रिटानिया का प्रदर्शन निवेशकों के लिए भरोसे का प्रतीक बना हुआ है।
ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में यह साबित कर दिया है कि स्थिर रणनीति और उपभोक्ता-केंद्रित दृष्टिकोण किसी भी चुनौती को अवसर में बदल सकता है।
34% की प्रॉफिट ग्रोथ और रेवेन्यू में बढ़ोतरी से यह स्पष्ट है कि कंपनी का बिजनेस मॉडल मजबूत नींव पर टिका हुआ है।
रक्षित हारगवे की नियुक्ति से नेतृत्व में नई ऊर्जा और रणनीतिक दिशा जुड़ने की उम्मीद है।
मार्केट में ब्रिटानिया की स्थिति और भी सुदृढ़ हो रही है, खासकर ई-कॉमर्स और नए उत्पाद पोर्टफोलियो के कारण।
यदि कंपनी अपने नवाचार, सप्लाई चेन स्थिरता और डिजिटल इंटीग्रेशन पर इसी तरह फोकस बनाए रखती है, तो आने वाले वर्षों में यह भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक FMCG बाजार में भी अपनी स्थिति और मजबूत कर सकती है।

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