PAN-Aadhaar Linking: क्यों 1 जनवरी 2026 से निष्क्रिय हो सकता है आपका पैन कार्ड I

वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, यह लिंकिंग प्रत्येक करदाता के लिए आवश्यक है, जिनके पास 1 अक्टूबर 2024 से पहले पैन जारी हुआ था। आइए समझते हैं कि अगर यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं की गई, तो इसका आपके टैक्स, बैंकिंग और निवेशों पर क्या असर होगा।

सरकार द्वारा पैन कार्ड और आधार कार्ड को लिंक करने की समय-सीमा नजदीक आ रही है। यदि आपने 31 दिसंबर 2025 तक अपने Permanent Account Number (PAN) को Aadhaar Card से लिंक नहीं किया, तो 1 जनवरी 2026 से आपका पैन निष्क्रिय (Inoperative) हो जाएगा। टैक्सबडी (TaxBuddy) ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए नागरिकों को इस समय-सीमा के बारे में चेतावनी दी है।


सरकार की अधिसूचना और पात्रता

वित्त मंत्रालय ने 3 अप्रैल 2025 को अधिसूचित किया कि जिन व्यक्तियों को 1 अक्टूबर 2024 से पहले पैन आवंटित किया गया है, उन्हें 31 दिसंबर 2025 तक अपने पैन को आधार से जोड़ना अनिवार्य है।
यह सूचना Principal Director General of Income Tax (Systems) या उनके द्वारा अधिकृत व्यक्ति को देनी होगी।

यदि आपका पैन आधार एनरोलमेंट आईडी के ज़रिए जारी हुआ है, तब भी लिंकिंग आवश्यक है। आधार नंबर प्राप्त होने के बाद पैन को लिंक करना ज़रूरी है, अन्यथा वह निष्क्रिय माना जाएगा।


अगर पैन और आधार लिंक नहीं किया तो क्या होगा?

यदि आपने समय-सीमा के भीतर लिंकिंग पूरी नहीं की, तो आपका पैन 1 जनवरी 2026 से निष्क्रिय (Inoperative) हो जाएगा।
इस स्थिति में आप—

  • अपना Income Tax Return (ITR) दाखिल या सत्यापित नहीं कर पाएंगे,
  • TDS/TCS क्रेडिट आपके खाते में नहीं आएगा,
  • लंबित रिफंड रोके जा सकते हैं,
  • और आपकी वित्तीय गतिविधियों पर रोक लग सकती है।

यह स्थिति तब तक बनी रहेगी जब तक आप लिंकिंग पूरी नहीं करते। लिंकिंग के बाद आमतौर पर 30 दिनों के भीतर पैन पुनः सक्रिय हो जाता है।


निष्क्रिय पैन के वित्तीय प्रभाव

पैन निष्क्रिय होने का मतलब यह नहीं कि आपका पैसा या निवेश गायब हो जाएगा।
आपके मौजूदा खाते और निवेश सुरक्षित रहेंगे, लेकिन आप—

  • नए निवेश, शेयर ट्रेडिंग या KYC अपडेट नहीं कर पाएंगे,
  • टैक्स कटौती (TDS) उच्च दरों पर होगी,
  • और किसी भी नई वित्तीय गतिविधि के लिए दिक्कत आएगी।

इसलिए, अपने वित्तीय लेनदेन और टैक्स अनुपालन को बनाए रखने के लिए समय पर लिंकिंग ज़रूरी है।


कौन लिंक कर सकता है पैन और आधार?

Income Tax Department के अनुसार, “Link Aadhaar” सेवा सभी व्यक्तिगत करदाताओं के लिए उपलब्ध है, चाहे वे ई-फाइलिंग पोर्टल पर रजिस्टर्ड हों या नहीं।
एनआरआई, 80 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक, और कुछ राज्यों के निवासी (जैसे असम, मेघालय, जम्मू-कश्मीर) इस लिंकिंग से मुक्त हैं।


पैन-आधार लिंक करने की प्रक्रिया

पैन और आधार को लिंक करना एक आसान ऑनलाइन प्रक्रिया है।
आप निम्नलिखित चरणों का पालन कर सकते हैं –

  1. आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. Link Aadhaar” पर क्लिक करें।
  3. अपना PAN, Aadhaar और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
  4. ओटीपी के माध्यम से सत्यापन करें।
  5. यदि पैन पहले से निष्क्रिय है, तो पहले ₹1,000 शुल्क का भुगतान करें।
  6. ‘Quick Links → Link Aadhaar Status’ में जाकर स्थिति जांचें।

लिंकिंग सफल होने के बाद एक स्क्रीनशॉट सेव कर लें, जो भविष्य में काम आ सकता है।


लिंकिंग से पहले ध्यान देने योग्य बातें

  • सुनिश्चित करें कि नाम, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर दोनों दस्तावेज़ों में समान हों।
  • वेबसाइट पर भीड़ बढ़ने से बचने के लिए अंतिम तिथि से पहले प्रक्रिया पूरी करें।
  • जिन व्यक्तियों ने पैन आधार एनरोलमेंट आईडी से प्राप्त किया था, वे भी इस प्रक्रिया को ज़रूर पूरा करें।
  • यह लिंकिंग टैक्स नियमों के अनुपालन के लिए अत्यंत आवश्यक है।

निष्कर्ष

पैन-आधार लिंकिंग सिर्फ एक औपचारिकता नहीं बल्कि वित्तीय पारदर्शिता और टैक्स अनुपालन की अहम प्रक्रिया है।
यदि आप 31 दिसंबर 2025 की समय-सीमा चूकते हैं, तो न केवल आपका पैन निष्क्रिय होगा, बल्कि आपकी टैक्स फाइलिंग और वित्तीय लेनदेन भी प्रभावित होंगे।
इसलिए, देरी न करें — आज ही अपने पैन और आधार को लिंक करें ताकि 1 जनवरी 2026 से पहले आपका वित्तीय जीवन सुरक्षित बना रहे।



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