दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास सोमवार शाम लगभग 7 बजे एक भयानक धमाका हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। यह विस्फोट एक धीमी गति से चलती हुई हुंडई i20 कार में हुआ, जिससे आसपास की गाड़ियाँ जलकर खाक हो गईं और कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि “सभी संभावनाओं की जांच की जा रही है और विस्तृत विश्लेषण मंगलवार को किया जाएगा।” इस घटना के बाद दिल्ली समेत कई राज्यों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है।
1. घटना का विवरण – कैसे हुआ लाल किले के पास धमाका
सोमवार शाम लगभग 6:52 बजे दिल्ली के व्यस्त रेड फोर्ट मेट्रो स्टेशन के पास एक हुंडई i20 कार में तेज धमाका हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, “कार अचानक तेज आवाज के साथ फटी और उसके आसपास आग की लपटें उठीं।”
धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और आसपास की 10 से अधिक गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त हो गईं।
पुलिस और एनएसजी (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुँचीं और इलाके को कॉर्डन कर लिया गया। एफएसएल (Forensic Science Lab) की टीमें साक्ष्य जुटाने में लगी हुई हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा —
“फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि धमाका आतंकी हमला था या आकस्मिक विस्फोट। जब तक एफएसएल की रिपोर्ट नहीं आती, कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा।”
2. केंद्रीय और राज्य सरकारों की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा —
“दिल्ली में हुए विस्फोट में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ।”
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने LNJP अस्पताल का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने कहा —
“यह बेहद दुखद और चिंताजनक घटना है। लोगों से निवेदन है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे “दिल दहलाने वाली घटना” बताया, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा —
“यह घटना अत्यंत पीड़ादायक है, मेरी संवेदनाएँ मृतकों के परिवारों के साथ हैं।”
3. सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई – देशभर में अलर्ट
धमाके के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस, एनआईए, और एनएसजी की टीमों ने जांच शुरू की।
कार का मालिक गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया है और उससे पूछताछ जारी है।
सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि कार में कोई उच्च विस्फोटक पदार्थ (High Explosive) भरा हुआ था, जिसे रिमोट या टाइमर से डिटोनेट किया गया हो सकता है।
घटना के बाद देशभर में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया —
- पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, और महाराष्ट्र में रेड अलर्ट।
- कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान, और बंगाल में भी सुरक्षा बढ़ाई गई।
- दिल्ली मेट्रो, रेलवे स्टेशन, और भीड़भाड़ वाले बाजारों में CISF और स्थानीय पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
दिल्ली पुलिस को इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी (IGDTUW) से 75 सर्विलांस ड्रोन मिले हैं, जिन्हें सभी जिलों में तैनात किया जा रहा है ताकि भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी रखी जा सके।
4. अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ और संवेदनाएँ
दिल्ली धमाके की गूंज विदेशों तक पहुंच गई है।
- अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, ईरान, और कई देशों ने भारत के प्रति संवेदना जताई है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा —
“हम दिल्ली की स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और भारत के साथ हैं।”
ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने लिखा —
“हमारे विचार उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है।”
ईरान के दूतावास ने भारत सरकार और पीड़ित परिवारों के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि “भारत की जनता के साथ हमारी संवेदनाएँ हैं।”
5. जांच की दिशा और आगे की रणनीति
गृह मंत्रालय ने कहा कि मंगलवार सुबह वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा।
NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) और NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) की टीमों को घटनास्थल से प्राप्त नमूनों का परीक्षण करने का निर्देश दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार —
- विस्फोट में RDX या TNT जैसी उच्च तीव्रता वाली सामग्री का इस्तेमाल हुआ हो सकता है।
- आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जाँच की जा रही है।
- यह भी जांच हो रही है कि क्या यह किसी संगठित आतंकी योजना का हिस्सा था या किसी स्थानीय आपराधिक समूह का प्रयास।
लाल किले के पास हुआ यह भयानक धमाका न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर एक गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
जाँच एजेंसियाँ सक्रिय हैं, लेकिन जब तक पूरी सच्चाई सामने नहीं आती, लोगों में भय और असुरक्षा की भावना बनी रहेगी।
अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली विस्तृत समीक्षा से उम्मीद है कि जल्द ही इस धमाके के पीछे की साजिश का पर्दाफाश होगा और दोषियों को सख्त सज़ा मिलेगी।
देश के नागरिकों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें, और शांति बनाए रखें।

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