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Stock Market LIVE: सेंसेक्स में 400 अंकों की गिरावट, निफ्टी 25,350 के नीचे; एम्बर एंटरप्राइजेज 13% टूटी, भारती एयरटेल 4% लुढ़की

शुक्रवार, 7 नवंबर 2025 को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर एशियाई और अमेरिकी बाजारों में बिकवाली के असर से घरेलू बाजारों में भी निवेशकों की धारणा कमजोर हुई।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 410 अंकों की गिरावट के साथ 82,901 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 122 अंकों की गिरावट के साथ 25,387 के स्तर पर पहुंच गया।

प्रमुख गिरावट भारती एयरटेल, एचसीएल टेक, विप्रो, जेएसडब्ल्यू स्टील, टाटा स्टील, और अदाणी एंटरप्राइजेज जैसे दिग्गज शेयरों में देखने को मिली।
ब्रॉडर मार्केट यानी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी कमजोरी रही। वहीं, किसी भी सेक्टरल इंडेक्स ने हरे निशान में कारोबार नहीं किया।

आईटी, रियल्टी, ऑटो और पीएसयू बैंक इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। इस रिपोर्ट में जानिए आज के बाजार के हर पहलू — गिरावट के कारण, प्रमुख शेयरों का हाल और निवेशकों के लिए इसका मतलब।


1️⃣ प्रमुख सूचकांक: सेंसेक्स और निफ्टी में व्यापक गिरावट

शुक्रवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत से ही भारतीय शेयर बाजार पर बिकवाली का दबाव हावी रहा।
सेंसेक्स 410 अंक (0.49%) टूटकर 82,901 के स्तर पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 122 अंक (0.48%) गिरकर 25,387 पर बंद हुआ।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट एशिया और अमेरिका के बाजारों में आई वैश्विक मंदी की लहर का सीधा प्रभाव है। निवेशक जोखिम से बचने के मूड में हैं, जिसके चलते शेयरों की बिकवाली बढ़ी है।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.59% और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.94% तक गिरा। यानी छोटे और मझोले निवेशकों के पोर्टफोलियो में भी नुकसान दर्ज हुआ।
बाजार में ट्रेडिंग वॉल्यूम ऊंचा रहा, लेकिन सेंटीमेंट नकारात्मक बना रहा।

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती ने विदेशी निवेशकों को भारत सहित उभरते बाजारों से दूरी बनाने पर मजबूर किया है।
इस गिरावट के बावजूद, दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह स्थिति आकर्षक वैल्यू बायिंग का अवसर बन सकती है।


2️⃣ सबसे बड़ी गिरावट वाले शेयर: भारती एयरटेल और एम्बर एंटरप्राइजेज पर दबाव

शुक्रवार को सबसे ज्यादा सुर्खियों में भारती एयरटेल और एम्बर एंटरप्राइजेज के शेयर रहे।
भारती एयरटेल का शेयर लगभग 4% लुढ़क गया, जब कंपनी के काउंटर पर 1.4 मिलियन शेयरों का ब्लॉक डील हुआ।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सिंगापुर टेलीकम्युनिकेशंस लिमिटेड (Singtel) की सहायक कंपनी Pastel Ltd ने भारती एयरटेल में अपनी 0.8% हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई थी, जिससे शेयर पर दबाव बढ़ा।

दूसरी ओर, एम्बर एंटरप्राइजेज के शेयर में 13% की भारी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों ने कंपनी के हालिया प्रदर्शन और सेक्टर में घटती डिमांड को लेकर चिंता जताई।

एचसीएल टेक, विप्रो, टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, टीसीएस, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और अदाणी एंटरप्राइजेज जैसे दिग्गज भी आज के सत्र में टॉप लूजर्स की सूची में रहे।
यह संकेत है कि बिकवाली सिर्फ किसी खास सेक्टर तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह व्यापक स्तर पर फैल गई थी।


3️⃣ सेक्टोरल प्रदर्शन: सभी सेक्टर लाल निशान में

शुक्रवार के सत्र में कोई भी सेक्टरल इंडेक्स हरे निशान में नहीं रहा।
निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.6% तक फिसला, जबकि निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 1% नीचे रहा।
ऑटो और पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.9% की गिरावट दर्ज की गई।

आईटी शेयरों में कमजोरी का मुख्य कारण अमेरिकी टेक सेक्टर में आई गिरावट और डॉलर की मजबूती बताई जा रही है।
रियल्टी सेक्टर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका और कमजोर मांग का असर देखा गया।

पीएसयू बैंक शेयरों में भी प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली, क्योंकि निवेशकों ने हालिया तेजी के बाद मुनाफा निकालना उचित समझा।
वहीं, ऑटो सेक्टर में मांग की सुस्ती और इनपुट लागत के बढ़ने की चिंता ने गिरावट को गहरा किया।

मार्केट विश्लेषकों के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में मंदी का दबाव जारी रह सकता है, हालांकि लंबी अवधि में भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है।


4️⃣ आईपीओ बाजार में हलचल: Pine Labs और Groww पर निवेशकों की नजर

हालांकि शेयर बाजार में गिरावट का माहौल था, लेकिन आईपीओ बाजार में हलचल बनी रही।
शुक्रवार को Pine Labs का मेनबोर्ड IPO सब्सक्रिप्शन के लिए खुला, जबकि Studds Accessories का शेयर बाजार में डेब्यू हुआ।

इसके अलावा, Groww का IPO सब्सक्रिप्शन का आखिरी दिन रहा, और उम्मीद जताई जा रही है कि यह इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो जाएगा।
पूरे साल की बात करें तो, अब तक भारतीय कंपनियों ने करीब ₹2 ट्रिलियन रुपये प्राथमिक बाजार (IPO) के जरिए जुटाए हैं।

सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने कहा कि पूंजी जुटाने की प्रक्रिया को और आसान और पारदर्शी बनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि डेरिवेटिव्स अब प्राइस डिस्कवरी और रिस्क मैनेजमेंट में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
सेबी का ध्यान कैश मार्केट को गहराई देने और कैपिटल फॉर्मेशन को प्रोत्साहित करने पर है।

इन कदमों से भविष्य में निवेशकों के लिए बेहतर अवसर और स्थिरता आने की संभावना है।


5️⃣ कंपनी परिणाम: Zydus Life ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया

गिरते बाजार के बीच कुछ सकारात्मक खबरें भी आईं।
Zydus Life ने अपनी तिमाही रिपोर्ट में अपेक्षा से बेहतर परिणाम पेश किए।
विदेशी ब्रोकरेज हाउस Nomura के अनुसार, कंपनी के परिणाम उसके अनुमान से बेहतर रहे, खासकर भारत में मजबूत प्रदर्शन के कारण।

कंपनी की कंसोलिडेटेड बिक्री उसके अनुमान से 2% अधिक रही, जो मुख्यतः घरेलू बाजार में 6% की वृद्धि की वजह से थी।
हालांकि, एक्सपोर्ट्स में 4% की गिरावट देखने को मिली।
अमेरिका से कंपनी की आमदनी $313 मिलियन रही, जो अनुमान से $7 मिलियन कम थी, और इसका कारण gRevlimid नामक प्रमुख जेनेरिक दवा से घटा योगदान था।

भले ही एक्सपोर्ट्स कमजोर रहे, लेकिन घरेलू बाजार में मजबूत बिक्री ने Zydus Life को कुल मिलाकर बढ़त दिलाई।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में कंपनी की स्थिति स्थिर बनी रह सकती है।


निष्कर्ष

7 नवंबर 2025 का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए चुनौतियों भरा साबित हुआ।
वैश्विक बाजारों में गिरावट, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और सेक्टोरल दबाव के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों कमजोर हुए।
हालांकि, कुछ कंपनियों जैसे Zydus Life ने उम्मीद जगाई है कि भारतीय कॉर्पोरेट सेक्टर अभी भी स्थिर प्रदर्शन कर सकता है।

IPO बाजार में जारी गतिविधियां निवेशकों के आत्मविश्वास को बनाए रखे हुए हैं।
मार्केट विश्लेषकों का कहना है कि यह गिरावट अल्पकालिक हो सकती है और दीर्घकाल में भारत की अर्थव्यवस्था व बाजार दोनों विकास पथ पर बने रहेंगे।

निवेशकों के लिए यह समय सावधानीपूर्वक खरीदारी का है — खासकर उन शेयरों में जिनकी बुनियाद मजबूत है और जिनका भविष्य स्थायी ग्रोथ की दिशा में दिख रहा है।

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