अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद क्रिप्टोकरेंसी बाजार में हलचल मच गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ केस की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट के जजों द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद पॉलिमार्केट (Polymarket) पर ट्रेडर्स ने ट्रंप की जीत की संभावना में 29% की कटौती कर दी। इसी बीच बिटकॉइन ने तेज़ी से उछाल लेते हुए $103,000 (लगभग ₹86 लाख) का स्तर पार कर लिया।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ अधिकार पर जताई शंका
सुप्रीम कोर्ट के कंज़र्वेटिव और लिबरल दोनों ही जजों ने ट्रंप प्रशासन के “आपातकालीन शक्तियों” (Emergency Powers) के इस्तेमाल पर सवाल खड़े किए। जजों ने पूछा कि International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) के तहत क्या राष्ट्रपति को टैक्स जैसे टैरिफ लगाने का अधिकार मिल सकता है?
कई जजों ने कहा कि संविधान के अनुसार टैक्स लगाने का अधिकार केवल अमेरिकी कांग्रेस को है, राष्ट्रपति को नहीं। जस्टिस सोनिया सोतोमयोर ने यह भी कहा कि टैरिफ से असल में पैसा अमेरिकी इम्पोर्टर्स और उपभोक्ताओं से वसूला जाता है, विदेशी कंपनियों से नहीं — इसलिए इसे “रेग्युलेशन” कहना भ्रमित करने वाला है।
⚔️ कार्यकारी शक्तियों पर जजों की आपत्ति
जस्टिस नील गोरसच ने कहा कि यह चिंताजनक है अगर कोई राष्ट्रपति “आपातकाल” घोषित कर मनमाने तरीके से निर्णय ले सके — जैसे कि टैरिफ लगाना।
मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स समेत कई कंज़र्वेटिव जजों ने भी इस पर चिंता जताई। निचली अदालतें पहले ही ट्रंप के कदम को “कार्यकारी सीमा से अधिक” (Overstepping Executive Authority) बता चुकी हैं। अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई ने प्रशासन की दलीलों की कमजोरियों को और उजागर कर दिया है।
💰 750 अरब डॉलर रिफंड का खतरा
यदि सुप्रीम कोर्ट ट्रंप के टैरिफ को असंवैधानिक ठहराता है, तो अमेरिकी ट्रेज़री को लगभग $750 बिलियन (₹62 लाख करोड़) तक वापस लौटाने पड़ सकते हैं।
कंपनियों का कहना है कि टैरिफ के कारण आयात महंगा हुआ, जिससे अमेरिकी उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ा और सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा।
सरकारी वकीलों ने दलील दी कि टैरिफ वैश्विक व्यापार असंतुलन और फेंटानिल जैसी अवैध दवाओं के प्रवाह को रोकने के लिए लगाए गए थे, लेकिन अदालत में यह तर्क कमजोर साबित हुआ।
📉 पॉलिमार्केट पर गिरा भरोसा, बिटकॉइन ने लगाई छलांग
सुनवाई के दौरान जैसे-जैसे जजों के सवाल तेज हुए, Polymarket पर ट्रेडर्स ने ट्रंप की जीत की संभावना को 29% घटा दिया।
इस अस्थिरता के माहौल में निवेशकों ने सुरक्षित संपत्ति की ओर रुख किया, और बिटकॉइन की कीमत में जबरदस्त उछाल देखने को मिला।
बिटकॉइन $99,500 के निचले स्तर से उछलकर $103,000 पार कर गया।
ट्रेडिंगव्यू (TradingView) के अनुसार, यह उछाल तब आया जब पारंपरिक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ने लगी और निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाने लगे।
🪙 बिटकॉइन बना “सेफ हेवन”
जहां पारंपरिक बाजारों में घबराहट थी, वहीं बिटकॉइन ने एक बार फिर “सेफ हेवन” (Safe Haven) यानी सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में अपनी पहचान मजबूत की।
ट्रंप की 100% चीन टैरिफ घोषणा के वक्त जो बिटकॉइन गिरा था, अब उसी के पलटते ही बिटकॉइन ने रिकॉर्ड रिकवरी दिखाई।
यह दर्शाता है कि वैश्विक स्तर पर जब भी राजनीतिक या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक तेजी से डिजिटल एसेट्स की ओर भागते हैं।
🔚 निष्कर्ष
ट्रंप प्रशासन के टैरिफ केस पर सुप्रीम कोर्ट के सवालों ने अमेरिकी बाजार में भूचाल ला दिया है। पॉलिमार्केट पर भरोसा टूटा, डॉलर में अस्थिरता आई, लेकिन बिटकॉइन ने तेजी से खुद को निवेशकों के लिए सबसे मजबूत एसेट साबित किया। आने वाले दिनों में कोर्ट का फैसला न सिर्फ अमेरिकी व्यापार नीति बल्कि वैश्विक क्रिप्टो मार्केट की दिशा तय करेगा।

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